लखनऊ. प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों पर गुरुवार सुबह आठ बजे से चल रही मतगणना समाप्त हो गई है। सभी 11 सीटों के नतीजे आ चुके हैं। इसमें 7 सीटों पर भाजपा, 3 सीटों पर सपा और 1 सीट पर अपना दल के उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। उप्र में 21 अक्टूबर को उप चुनाव के लिए वोट डाले गए थे। उप चुनाव में कुल 109 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमायी थी।
गंगोह, लखनऊ कैंट, इगलास, गोविंदनगर, मानिकपुर, घोषी और बलहा सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की है। जैदपुर, जलालपुर और रामपुर सीट पर सपा ने कब्जा जमाया है। प्रतापगढ़ सीट भाजपा के सहयोगी अपना दल के खाते में गई है। इससे पहले गंगोह सीट पर मतगणना में धांधली का आरोप लगाकर कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल चुनाव आयोग कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करके लिखा कि, निर्वाचन आयोग इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराए।
बसपा और कांग्रेस का नहीं खुला खाता
बहुजन समाज पार्टी के लिए उपचुनाव एक बार फिर निराशाजनक साबित हुआ। बसपा पहली बार सभी 11 सीटों पर उप चुनाव लड़ी लेकिन उसे एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई। बसपा की मुखिया मायावती ने भी उपचुनावों में प्रचार नहीं किया था। इसी तरह कांग्रेस को भी उपचुनाव में कोई सफलता नहीं मिली।
चुनावी नतीजों पर प्रियंका ने कहा- यूपी में वोट प्रतिशत बढ़ना भविष्य के लिए अच्छा संकेत
उपुचनाव के नतीजों को लेकर प्रियंका ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों पर मुझे बहुत खुशी है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर भी खुशी है के उत्तर प्रदेश में हमारा वोट प्रतिशत काफी बढ़ा है, लोकसभा के चुनाव की अपेक्षा। प्रियंका ने गंहोह विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर जिला प्रसाशन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा हमारा प्रत्याशी जीत रहा था, जिला प्रशासन के पास फोन आ रहे थे। हम चुनाव आयोग से जांच की मांग करेंगे।
इन सीटों पर हुए चुनाव
गंगोह, रामपुर, इगलास सुरक्षित, लखनऊ कैंट, गोविंदनगर, मानिकपुर, प्रतापगढ, जैदपुर सुरक्षित, जलालपुर, बलहा सुरक्षित और घोसी सीट पर उप चुनाव हो रहा है। 2017 के चुनाव में रामपुर में सपा, जलालपुर सीट पर बसपा व प्रतापगढ़ पर अपना दल को छोड़कर बाकी आठ सीटों पर भाजपा का कब्जा था। यह सीटें लोकसभा चुनाव में विधायकों के सांसद बनने के बाद खाली हुई थीं।
इन दो सीटों पर रही सबकी नजर
रामपुर व जलालपुर सीट पर मतगणना के दौरान सबकी निगाहें लगी थीं। आजम खान के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई रामपुर सीट से सपा ने उनकी पत्नी तंजीन फातिमा को मैदान में उतारा था। यहा तंजीन ने भाजपा को हरा दिया है। वहीं, अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट को बचाए रखना बसपा के लिए चुनौती थी। यहां से विधायक रहे रितेश पांडेय सांसद चुन लिए गए थे। लोकसभा चुनाव के बाद सपा से गठबंधन तोड़ने के बाद बसपा ने अपने दम पर उप चुनाव लड़ने का फैसला किया था। लेकिन, यहां से सपा के उम्मीदवार सुभाष राय को जीत हासिल हुई है।